मुर्दा कौन होता है ?
वह जो सांस नहीं लेता
या वह जो सांस लेते हुये भी
ज़िंदा नहीं होता ?
निष्क्रियता कहते है
मौत होती है
मगर कोई यह तो जाने
ऐसा क्यों होता है
साँस के इलावा भी कुछ
कुछ ज़िंदा रखता है
टूट जाये जो अंदर से
तो ही मौत होती है
तुम्हारे आस पास भी
कई घूमा करते है
जिनकी सांस चलती है
पर वोह ज़िंदा नहीं होते।
वह जो सांस नहीं लेता
या वह जो सांस लेते हुये भी
ज़िंदा नहीं होता ?
निष्क्रियता कहते है
मौत होती है
मगर कोई यह तो जाने
ऐसा क्यों होता है
साँस के इलावा भी कुछ
कुछ ज़िंदा रखता है
टूट जाये जो अंदर से
तो ही मौत होती है
तुम्हारे आस पास भी
कई घूमा करते है
जिनकी सांस चलती है
पर वोह ज़िंदा नहीं होते।
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