Monday, 10 August 2015

बहार 220814

तुम्हारे आने की खबर से
यह चमन गुलजार हो जाये
फूल जो खिल रहे थे
कई दिनों से
मुस्कुराने लगे है
धयान से देखता हू
हजारो नये रंग
उबर आये है,
रीझ से
तुमे देखने को.
और यहाँ वहां
कितने फूल
दिख रहें है मुझे
नये खिले से.
तेरे आने की ख़बर
एक नयी रौशनी
भर देती है
मेरी इन
मंद होती
आँखों मैं.
तुम्हे शायद पता ना हो
मगर यह सच है.
ललित @ 6 pm on 22/08/2014

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