Monday, 10 August 2015

जमूरा 160615

दो बांसो के बीच
बदी रससी पर
मुझे चलता देख
यू हैरान न हो।
ये तमाशा 
तुम भी रोज
करते हो
रोटी की खातिर,
और तुमहे
पता भी नहीं।
@ललित 16 जून 2015

No comments:

Post a Comment