तेरी सब कोशिशे नाकाम नहीं हुई
तुम्हारे अहम ने बहुत कुछ तोड़ा है
मेरे इस दिल की क्या बात करू
कई ज़िन्दिगियो के है इलज़ाम तुझ पर
कई मिट गये ,कई मिट रहे है ,ध्यान तो दो
ज़रा आसपास नज़र फेरो
जो चले थे साथ,आज कहीं भी नहीं
कौन कहाँ छूटे तुम क्या जानो
थोड़ा संब्लो,थोड़ा रहम करो।
तुम्हारे अहम ने बहुत कुछ तोड़ा है
मेरे इस दिल की क्या बात करू
कई ज़िन्दिगियो के है इलज़ाम तुझ पर
कई मिट गये ,कई मिट रहे है ,ध्यान तो दो
ज़रा आसपास नज़र फेरो
जो चले थे साथ,आज कहीं भी नहीं
कौन कहाँ छूटे तुम क्या जानो
थोड़ा संब्लो,थोड़ा रहम करो।
@lalit 28 june 2015
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