Tuesday, 20 February 2018

congratulations ! 07022018

Congratulations!

You are successful
The effort that u made
To destroy me
Has borne results.
I stand defeated
In more ways than one.
May God bless you!


ferozpur 07/02/2018

Thursday, 1 February 2018

Strange Times 30112017

Strange Times 30112017


We live in strange times
Expressing hate
Is easier
Than expressing love
We believe in intuitions
And aura(s)
But love...
The abused word
Difficult to accept
So many stories
Of betrayals
Heart breaks
Condition us
To refuse it's existence
Motives are assigned
To what flows
Unstoppable
Pure
Unconditional.
All efforts made to mask
The feeling called love
Hate
So easily expressed
In one go
What are we doing wrong?
Look deeply
The cosmos is just love
Let the walls that exist
Stopping the flow
Break down
Drowning all in the elixir
Called love !
Lalit, 30 nov 2017

ज़िन्दिगी कितनी खूबसूरत है। 05122017

ज़िन्दिगी कितनी खूबसूरत है।
पत्थर को तराश कर
खुदा करने वाला
खुद ही उसे तोड़ देता है।
अहम है या भ्रम ?
कहना मुश्किल है।
एक एक पत्थर चुन कर
प्यार से ताबीर किया
मंदिर
सहज सहज सँवारी मूरत
उन्ही हाथो तो उबरी थी
चाहा भी था
पूजा भी था
किसी का अहम तो ज़रूर रहा होगा
पूज्य का
या पूजने वाले का
तभी तो रिश्ता मिटाना पड़ा
मिट्टी मे मिला कर
वो सब
जो जीवन भर की पूंजी थी।
वक़्त के साथ बहुत कुछ् बदल जाता है।
ललित 5 Dec 2017

तस्वीर 08012018

तस्वीर 08012018


क्या मेरी तस्वीर नहीं देखी ?
यू खुल कर हंसते हुये ।
कितने वक्फे के बाद
कितनी मेहनत से खिंचवाई है
मैने कहा था उसे
यूँ नाराज़ न हो जाया करो
तस्वीरें देख कर I
कितने बेदर्दी से कह देते हो
" मुस्कुराओ तो "I
मैने भी सोच लिया
अब तस्वीरो मे मुस्कुराता ही दिखूंगा I
मुस्कुराहट ही अच्छी लगती है
सब को,
तुम कहाँ अकेले हो।
मुस्कुराहट ही बिकती है बाज़ार मे,
उदास चेहरों के कहाँ दाम होते हैं।
बस कुछ कोशिश भर से
कर दिया है यह भी
तुमहे तो मालूम है
मन मे आये, तो सब कर जाता हूँ।
मुस्कुराती तस्वीरे है यह सब
तुम्हारे लिये
खुश हो जाओ
इन्हे देख कर।
बस
आंखों मे मत देखना
वो झूठ नही बोल पाएंगी!

8 jan 2018

मुझे माफ़ कर देना 08012018

मुझे माफ़ कर देना  08012018



सुनो,
मुझे माफ़ कर देना
अगर हो सके,
दिल दुखाने का इरादा नहीं था मेरा।
दिल से सोचने वाले
अक्सर मात खा जाते है
हक़ीक़तों से।
कितना गलत था
मेरा सोचना
कि बदल सकूँगा कुछ्
यू ही साथ चलते चलते।
तुमने तो सब पहले से
तह कर रखा था
बदलाव की कोई गुंजाईश नही थी जहां
मैं
मैं ,बार बार
कोशिश करता रहा
उन दीवारों को गिरने की
जो बना रखी थी
तुमने अपने आस पास।
कितनी ही तो ज़्यादतियां की है मैंने।
जबरन घुसना की कोशिशे,
वहा
जहां
मुझे नही आना चाहिए था
और देखो,
तुम बर्दाश्त
करते रहे
सहते रहे
शिस्टाचार की खातिर।
मेरी गलतियों
को हो सके तो भुला देना
दिल से सोचने वाले
ऐसे ही मूर्ख होते है।
8 jan 2018