Thursday, 1 February 2018

तस्वीर 08012018

तस्वीर 08012018


क्या मेरी तस्वीर नहीं देखी ?
यू खुल कर हंसते हुये ।
कितने वक्फे के बाद
कितनी मेहनत से खिंचवाई है
मैने कहा था उसे
यूँ नाराज़ न हो जाया करो
तस्वीरें देख कर I
कितने बेदर्दी से कह देते हो
" मुस्कुराओ तो "I
मैने भी सोच लिया
अब तस्वीरो मे मुस्कुराता ही दिखूंगा I
मुस्कुराहट ही अच्छी लगती है
सब को,
तुम कहाँ अकेले हो।
मुस्कुराहट ही बिकती है बाज़ार मे,
उदास चेहरों के कहाँ दाम होते हैं।
बस कुछ कोशिश भर से
कर दिया है यह भी
तुमहे तो मालूम है
मन मे आये, तो सब कर जाता हूँ।
मुस्कुराती तस्वीरे है यह सब
तुम्हारे लिये
खुश हो जाओ
इन्हे देख कर।
बस
आंखों मे मत देखना
वो झूठ नही बोल पाएंगी!

8 jan 2018

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