Tuesday, 15 March 2022

क्या पता... 270122

क्या पता
वो वक़्त आये ही नही
जिसकी जुस्तजू में ज़िंदगी गुज़री
क्या पता फिर मुलाकात हो ही नही
जिससे लगता है सांस जुड़ी है।
क्या पता वोह दिन आए ही नहीं
जिस के लिये सब तमाशा हुआ
क्या पता सब बेमानी हो
जैसे कि कुछ हुआ ही नहीं

ज़िंदगी की अनिश्चितता
अजीब भी है,
और दिलचस्प भी।
कितना विश्वास है हमे कल पे
जो शायद कभी आये ही नहीं..

27 jan 2022

मुर्दाघर 080222

यह अंधेरी जगह क्या है
और ठंडी भी
मैं हिल नही पा रहा
कहा हू मैं?
कोई आवाज़ नही
मौत सा सन्नाटा..
ओह,
याद आया
मर गया था मैं,
नश्वर शरीर को छोड़ कर
अलौकिक की और कि यात्रा।

चाहने वाले कहाँ है
कहाँ है सब....

अरे,
किसी हस्पताल का
मुर्दा घर है
यही छोड़ गये मुझे
मेरे अपने।

मैंने कहा भी था
ऐसा मत करना
मुझे डर लगता है
तंग जगाहों से।

पर उनकी भी
शायद मजबूरी थी
बहुत पढ़ाया था
जिन बच्चो को
उन्हे आने मे
वक़्त तो लगेगा।
बहुत दूर रहते है ना वोह।
कितने ही काम
कितनी ही मजबूरिया।
मैंने ही तो चाहा था
बहुत अच्छा करे वो
स्वतंत्र रहे
उड़े बड़े आसमान मे
बिना फिक्र के।
मैंने ही तो चाहा था
मैं कभी बेड़ी न बनु उनके लिये।

मैंने ही तो बताया था उन्हे
की तुम अपनी ज़िंदगी जिओ
मैं आराम से 
रह लूँगा 
जी लूँगा
उनसे दूर,
उनकी भी क्या गलती,
मैं बताना ही भूल गया
अकेले जीने की बात हुई था।

मारने की नहीं।।

Lalit @8 feb 2022

coffee 240217

Coffee
How I loved a cup of well beaten coffee,
coffee that you would beat for hours
Mixing sugar and a bit of water to it
The love and the care made it explode
out of that large cup.
And then adding to hot milk
Sipping away the time
Hours that were not measured
Fleeting moments
of those tiny days.
What a ritual it was
So looked forward to
Each thanking the other
of being there 

I have almost given up
Hot coffee
But once in a while
When someone offers
I hold on to the cup
Wanting to refresh the taste
Re live the aroma
Bringing back memories
From decades away

But it does not happen
Nothing returns
Not the aroms
Not the taste
Not the moments
Nor the people
Who were part of the coffee
Hot coffee
That I so loved...

24 feb 2017

Tuesday, 20 February 2018

congratulations ! 07022018

Congratulations!

You are successful
The effort that u made
To destroy me
Has borne results.
I stand defeated
In more ways than one.
May God bless you!


ferozpur 07/02/2018

Thursday, 1 February 2018

Strange Times 30112017

Strange Times 30112017


We live in strange times
Expressing hate
Is easier
Than expressing love
We believe in intuitions
And aura(s)
But love...
The abused word
Difficult to accept
So many stories
Of betrayals
Heart breaks
Condition us
To refuse it's existence
Motives are assigned
To what flows
Unstoppable
Pure
Unconditional.
All efforts made to mask
The feeling called love
Hate
So easily expressed
In one go
What are we doing wrong?
Look deeply
The cosmos is just love
Let the walls that exist
Stopping the flow
Break down
Drowning all in the elixir
Called love !
Lalit, 30 nov 2017

ज़िन्दिगी कितनी खूबसूरत है। 05122017

ज़िन्दिगी कितनी खूबसूरत है।
पत्थर को तराश कर
खुदा करने वाला
खुद ही उसे तोड़ देता है।
अहम है या भ्रम ?
कहना मुश्किल है।
एक एक पत्थर चुन कर
प्यार से ताबीर किया
मंदिर
सहज सहज सँवारी मूरत
उन्ही हाथो तो उबरी थी
चाहा भी था
पूजा भी था
किसी का अहम तो ज़रूर रहा होगा
पूज्य का
या पूजने वाले का
तभी तो रिश्ता मिटाना पड़ा
मिट्टी मे मिला कर
वो सब
जो जीवन भर की पूंजी थी।
वक़्त के साथ बहुत कुछ् बदल जाता है।
ललित 5 Dec 2017

तस्वीर 08012018

तस्वीर 08012018


क्या मेरी तस्वीर नहीं देखी ?
यू खुल कर हंसते हुये ।
कितने वक्फे के बाद
कितनी मेहनत से खिंचवाई है
मैने कहा था उसे
यूँ नाराज़ न हो जाया करो
तस्वीरें देख कर I
कितने बेदर्दी से कह देते हो
" मुस्कुराओ तो "I
मैने भी सोच लिया
अब तस्वीरो मे मुस्कुराता ही दिखूंगा I
मुस्कुराहट ही अच्छी लगती है
सब को,
तुम कहाँ अकेले हो।
मुस्कुराहट ही बिकती है बाज़ार मे,
उदास चेहरों के कहाँ दाम होते हैं।
बस कुछ कोशिश भर से
कर दिया है यह भी
तुमहे तो मालूम है
मन मे आये, तो सब कर जाता हूँ।
मुस्कुराती तस्वीरे है यह सब
तुम्हारे लिये
खुश हो जाओ
इन्हे देख कर।
बस
आंखों मे मत देखना
वो झूठ नही बोल पाएंगी!

8 jan 2018