Tuesday, 15 March 2022

क्या पता... 270122

क्या पता
वो वक़्त आये ही नही
जिसकी जुस्तजू में ज़िंदगी गुज़री
क्या पता फिर मुलाकात हो ही नही
जिससे लगता है सांस जुड़ी है।
क्या पता वोह दिन आए ही नहीं
जिस के लिये सब तमाशा हुआ
क्या पता सब बेमानी हो
जैसे कि कुछ हुआ ही नहीं

ज़िंदगी की अनिश्चितता
अजीब भी है,
और दिलचस्प भी।
कितना विश्वास है हमे कल पे
जो शायद कभी आये ही नहीं..

27 jan 2022

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