एक पत्थर हंस रहा था
जो जड़ा था उस दिवार मे
हमे देखते हुये
नाचते कूदते
चलते फिरते
हंसते मुस्कुराते।
तुम्हारा विस्मय नया है।
सैकड़ो सालो से
अनगिनत लोग आये
इसे देख यु ही हुये अचम्भित
किसी राजा की
उन्नत सोच
जो आज तक खड़ी है
यही रहूँगा मैं
और सैंकड़ो सालो तक
जब तुम भी कही
अतीत का हिस्सा हो जाओगे
मेरे राजा की तरह।
जो जड़ा था उस दिवार मे
हमे देखते हुये
नाचते कूदते
चलते फिरते
हंसते मुस्कुराते।
तुम्हारा विस्मय नया है।
सैकड़ो सालो से
अनगिनत लोग आये
इसे देख यु ही हुये अचम्भित
किसी राजा की
उन्नत सोच
जो आज तक खड़ी है
यही रहूँगा मैं
और सैंकड़ो सालो तक
जब तुम भी कही
अतीत का हिस्सा हो जाओगे
मेरे राजा की तरह।
1 अगस्त 2015
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