फिर से कुछ भी शुरू नहीं होता
गुजर गया जो समय
बीत गये जो पल
वापस कभी आते नहीं
कितनी भी कोशिश करें हम
नयी शुरुआत की
तुम कहा तुम हो
मैं कहा मैं हूँ
उन पलों को याद करके
दुखी हुआ जा सकता है
रोया जा सकता है
अपनी गलतियों पर
फिर से शुरूआत नहीं हो सकती
क्योंकि बिछड़ गये है कुछ लोग
यहां पहुंचने में,
जो साथ थे हमारे
उस शुरूआत के वक्त।
और वो भी तो है,
जिनका नामोनिशान नहीं था तब
आज अहम हिस्सा है
मेरी और तुम्हारी जिंदगी का।
अरे छोड़ो ये शुरुआत की बातें
चलो कोशिश करें
अब से
नहीं दिल दुखाए
एक दूसरे का,
ताकि बरसों बाद
शरमिंदा ना होना पड़े
इन दिनों को याद करके।
गुजर गया जो समय
बीत गये जो पल
वापस कभी आते नहीं
कितनी भी कोशिश करें हम
नयी शुरुआत की
तुम कहा तुम हो
मैं कहा मैं हूँ
उन पलों को याद करके
दुखी हुआ जा सकता है
रोया जा सकता है
अपनी गलतियों पर
फिर से शुरूआत नहीं हो सकती
क्योंकि बिछड़ गये है कुछ लोग
यहां पहुंचने में,
जो साथ थे हमारे
उस शुरूआत के वक्त।
और वो भी तो है,
जिनका नामोनिशान नहीं था तब
आज अहम हिस्सा है
मेरी और तुम्हारी जिंदगी का।
अरे छोड़ो ये शुरुआत की बातें
चलो कोशिश करें
अब से
नहीं दिल दुखाए
एक दूसरे का,
ताकि बरसों बाद
शरमिंदा ना होना पड़े
इन दिनों को याद करके।
@ललित, 20 june 2015
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