Saturday, 22 August 2015

बेज़ार 210815

ना जाने कौन सी गली कौन सा बाज़ार है
हर तरफ शोर है झूठ का व्यपार है
हज़ारो रंग की रोशनी है हर तरफ
फिर भी यह दिल तुम्हारे साथ को बेज़ार है।
21 ऑगस्ट 2015

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