हर साल आ ही जाती है
कभी रंग और कभी रौशनी लेकर।
साथ आती है कुछ यादे,
खट्टी मीठी और कड़वी
बीत जाते है
यह दिन भी
अकेले
यादो के सहारे
तुम्हे भी याद करता हू मैं
तू
जिसके साथ बिताना चाहता हू
यह पल, यह दिन
सुबह से शाम हो गई आज फिर
नहीं गुज़रा एक भी पल तुम्हारे साथ..
या तुम्हारे बिना।
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