Monday, 13 June 2016

kaisay bhoolu tujhay 140512

कैसे भूलू तुझे 140512


तुम्हे यु याद करके
यह मन फट जाने को करता है
सांस तेज़ हो जाती है
आंसू फूट जाने को होते है
मगर
आंसुओ को यह बोझ
कैसे बहाने दे सकता हू
आपने पे तरस खा कर
मन को कैसे सहलाने दे सकता हू

इस मन को तुझे कैसे
भूल जाने दे सकता हू.....

ललित @ 14 मई 2012

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