घर के मालिक 280616
कोई दूसरा जनम नहीं होता।
सब हिसाब यही चुकता होते है
घरो के मालिक
पड़े रहते है
रोटी के इंतज़ार मे
किसी और की मर्ज़ी की बनी रोटी
औरो के खाने के बाद
दे दी जायगी तुमको भी,
क्या जल्दी है?
अभी कुछ देर बाकी है
कुछ ख़ास नहीं बदला
वक़्त के साथ साथ
मालकियत बदल गई है
बस।
किसी और की मर्ज़ी की बनी रोटी
औरो के खाने के बाद
दे दी जायगी तुमको भी,
क्या जल्दी है?
अभी कुछ देर बाकी है
कुछ ख़ास नहीं बदला
वक़्त के साथ साथ
मालकियत बदल गई है
बस।
ललित ,28 जून 2016
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