शब्द कहा से आते है 090116
बहुत दिनों से दोस्त कह रहे थे
कुछ लिखा नहीं आपने कई दिनों से
आज लिख डाला
तो चोंक गये।
मैं भी चोंक गया,
अहसास हुआ कि लिखने के लिये
स्याही की जगह
आंसू लगते है
खून के
तभी तो रंग आता है
शब्दों मे
और इन आंसुओ के लिये
घट घट भरता है अंतर्मन,
और जब बहुत भर जाये
तो छलक जाता है
आंसू बन कर
जो बन जाते है स्याही
उस कलम की
जहाँ से आते है शब्द
जिन्हे पढ़ कर
तुम आवाक् हो जाते हो।
बहुत दिनों से दोस्त कह रहे थे
कुछ लिखा नहीं आपने कई दिनों से
आज लिख डाला
तो चोंक गये।
मैं भी चोंक गया,
अहसास हुआ कि लिखने के लिये
स्याही की जगह
आंसू लगते है
खून के
तभी तो रंग आता है
शब्दों मे
और इन आंसुओ के लिये
घट घट भरता है अंतर्मन,
और जब बहुत भर जाये
तो छलक जाता है
आंसू बन कर
जो बन जाते है स्याही
उस कलम की
जहाँ से आते है शब्द
जिन्हे पढ़ कर
तुम आवाक् हो जाते हो।
9 jan 2016
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