Thursday, 24 March 2016

लोहड़ी 2016 130116

लोहड़ी 2016   130116


एक पुराने दोस्त से गुफ्तगू हो गई
लोहड़ी के मौके पर।
वो जो कभी साथ रहा था
साथ खेला था
आज कही दूर बैठा है
साथ मनाये लोहड़ी के दिन ताज़ा कर दिये उसने
जब कई दोस्त दिन भर साथ बैठते थे
पतंगे उड़ाते थे
मिठाई का इंतजाम होता था
बहस होती थी,शरारत होती थी
कई दिनों से होती तैयारी
अंजाम चढ़ती थी
दिन का पता ही नहीं चलता था
शाम होते होते आग जलाई जाती थी
कोई घर जाना नहीं चाहता था..
फिर उसने भरे दिल से कहा
"लुधियाना जैसी लोहड़ी यहाँ नहीं होती"
अब उसे क्या बताऊ
जिस लोहड़ी को वो याद रखे है
वोह लोहड़ी अब यहाँ भी नहीं होती।


13 jan 2016

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