मुझे रोकना मत। 280916
आज मुझे रोकना मत।
काट लेने दो मुझे वो सब
जो जोड़े है मुझे
तुमसे,तुमसे और तुमसे,
बहुत दिनों के बाद
हिम्मत कर पाया हू
सच कहने की
और सच तो,कड़वा होता ही है
हमेशा,जन्मों से
यह जो तरस का भाव
दीखता है ना
तुम्हरी बातो मे
मार देता है मुझको
तुमसे अछै तो वोह है
जो,तिरस्कार करते है मेरा।
तुम समज नहीं पाओगे
कुछ अलग ही हू मे
तभी तो ज़िंदा हू
अभी भी
इतना होने के बाद।
काट लेने दो मुझे वो सब
जो जोड़े है मुझे
तुमसे,तुमसे और तुमसे,
बहुत दिनों के बाद
हिम्मत कर पाया हू
सच कहने की
और सच तो,कड़वा होता ही है
हमेशा,जन्मों से
यह जो तरस का भाव
दीखता है ना
तुम्हरी बातो मे
मार देता है मुझको
तुमसे अछै तो वोह है
जो,तिरस्कार करते है मेरा।
तुम समज नहीं पाओगे
कुछ अलग ही हू मे
तभी तो ज़िंदा हू
अभी भी
इतना होने के बाद।
28.sep 2016
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