कितना अच्छा लगता है तुम्हे
मुझे जलाकर हर साल
क्या साबित करना चाहते हो तुम
कह कर बुराई पे अच्छाई की जीत
कही कमतर पड़ गया था मैं
सदियो पहले राम के सामने
पर साल दर साल
आपने मन के अंदर छिपी बुराई को भुलाकर
दहन करते हो मेरा
और हो लेते हो खुश
झूठा ही
जानते हो तुम कि
रोज़ हारती है तुम्हारी अच्छाई बुराई से।
मुझे जलाकर हर साल
क्या साबित करना चाहते हो तुम
कह कर बुराई पे अच्छाई की जीत
कही कमतर पड़ गया था मैं
सदियो पहले राम के सामने
पर साल दर साल
आपने मन के अंदर छिपी बुराई को भुलाकर
दहन करते हो मेरा
और हो लेते हो खुश
झूठा ही
जानते हो तुम कि
रोज़ हारती है तुम्हारी अच्छाई बुराई से।
19 oct 2015
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