कहाँ रह पाता हूँ मैं अकेला
तुम यहीं तो होते हो आसपास
सुबह से शाम तक
मेरे साथ साथ हर जगह
कभी आराम कर लिया करो
मुझे छोड़ कर
मुश्किल हो जाता है
मेरे लिये भी
दिनभर ,सतर्क रहना
ध्यान रखना अपने हर व्यवहार का
कही चूक न जाऊं
कोई मात्रा लगाने में।
तुम भी तो थक जाते होगे
यूँ ध्यान रखते
दिन भर।
तुम यहीं तो होते हो आसपास
सुबह से शाम तक
मेरे साथ साथ हर जगह
कभी आराम कर लिया करो
मुझे छोड़ कर
मुश्किल हो जाता है
मेरे लिये भी
दिनभर ,सतर्क रहना
ध्यान रखना अपने हर व्यवहार का
कही चूक न जाऊं
कोई मात्रा लगाने में।
तुम भी तो थक जाते होगे
यूँ ध्यान रखते
दिन भर।
1 nov 2015
No comments:
Post a Comment