Wednesday, 18 November 2015

दीवाली 111115

दीवाली
अलग अलग मतलब है इस शब्द का सब के लिये
अलग अलग भाव है इसके
कहने सुनने मे अच्छा लगता है
'दीवाली मुबारक हो'
किसी के लिये खिलोने
किसी के लिये नये कपड़े
किसी के लिये मीठाई
बाजार मे लुभावने विज्ञापन
बार बार कुछ नया ख़रीदने का निमंत्रण
कुछ बड़ा और बड़ा
कुछ नया और बड़ा
दिये
लाइट्स
रोशनी
हज़ारो नेमते
दसो दिनों से चल रही दावते
जुआ शराब जशन
सोने चांदी से बने देवताओ का पूजन
कितना ही तो जर्ष और उल्लास है
जुड़ा हुआ इस त्यौहार से
इस शब्द से
पर इस शब्द को सुनकर कितना सेहर जाता है
एक पिता
जो आज सुबह निकला है घर से
कुछ रूपए कमानें को
कुछ भी कर लेगा
कोई काम देदो
बस आज शाम तक
ज़रूरत है उसकी
ताकि आँख मिला सके
आपने बेटे से
वापिस घर जाकर
जिसने कहा था सुबह उसे
दीवाली मुबारक पापा
शाम जल्दी आ जाना
सजे बाजार मैं
चलेंगे
पटाके और मिठाई लाने।
11 nov 2015

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