तेरा कुछ भी नहीं हो सकता
येही तो कहा था उसने
कितना सच
इतने साल पहले ही देख लिया था उसने
मेरी नाकामयाबी का मंज़र
और मैं सफ़र करता रहा
कहीं पहुंचे बिना
येही तो कहा था उसने
कितना सच
इतने साल पहले ही देख लिया था उसने
मेरी नाकामयाबी का मंज़र
और मैं सफ़र करता रहा
कहीं पहुंचे बिना
@lalit 5 july 2015
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