हम साथ चले है
कभी एक रास्ते पर कभी अलग़
किसी जन्म में दोस्त बनकर
किसी जन्म मे दुश्मन
तुमने प्यार भी बहुत किया है मुझे
मैने हज़ारो दोखे भी खाये है
कितने ही सबक इकठे सीखे है हमने
आज जब तुम दोबारा मिले हो
बहुत से साल बीत गये है इस जन्म के
पर कुछ साँझा दिखा तो है
तुम्हे और मुझे
बातो मे, भावो मे
जो जनझोर रहा है अचेतन को
कि फिर मिलाया है नियति ने
एक और सबक सिखाने को
कुछ और आगे बढाने को
इस सफ़र मे पूर्णता की और
एक और प्रयास ,
कुछ अभी बाकी है
जो करना ही होगा
आज,अभी, इसी जनम मे
ताकि थम सके ये सिलसिला
हज़ारो जन्मों का।
कभी एक रास्ते पर कभी अलग़
किसी जन्म में दोस्त बनकर
किसी जन्म मे दुश्मन
तुमने प्यार भी बहुत किया है मुझे
मैने हज़ारो दोखे भी खाये है
कितने ही सबक इकठे सीखे है हमने
आज जब तुम दोबारा मिले हो
बहुत से साल बीत गये है इस जन्म के
पर कुछ साँझा दिखा तो है
तुम्हे और मुझे
बातो मे, भावो मे
जो जनझोर रहा है अचेतन को
कि फिर मिलाया है नियति ने
एक और सबक सिखाने को
कुछ और आगे बढाने को
इस सफ़र मे पूर्णता की और
एक और प्रयास ,
कुछ अभी बाकी है
जो करना ही होगा
आज,अभी, इसी जनम मे
ताकि थम सके ये सिलसिला
हज़ारो जन्मों का।
@ललित ३० nov २०१५
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